पति के मोबाइल से परेशान पत्नी😔
मैं तो घर की सारी जिम्मेदारी निभाते निभाते थक गई।
यह छोटी सी मोबाइल ना जाने,कब इनकी सब कुछ बन गई।
महीनो बीत जाते हैं बात तो क्या ,हमारी तरफ देखते तक नहीं।
खोए हैं इंटरनेट की दुनिया में ,बाकी कुछ दिखता ही नहीं।
सारे रिश्ते भूल बैठे हैं इस मोबाइल के आगे ,
कब कौन आया कब गया इसकी खबर तक नहीं।
सारे रिश्ते बेमाने से बन गए, बस यही मोबाइल इनकी अपनी बन गई ।
ना बच्चों से कोई मतलब है ना बीवी से कोई मतलब हैं।
मैं तो इनसे लड़ते - लड़ते ,झगड़ते - झगड़ते थक गई।
ये मोबाइल ना जाने कब इनकी हमदर्द हमराही हमसफर बन गई।
मोबाइल पर प्यार लुटाते हैं मोबाइल पर जान लुटाते हैं।
पॉर्न देखकर यह तो अपनी प्यास बुझाते हैं।
यह सिर्फ कुआरो की नहीं शादीशुदा मर्दों का भी अय्याशी का अड्डा बन गई।
यह थोड़ी सी नहीं पूरी की पूरी इनकी लुगाई बन गई।
इनको ना अपना ना बच्चों का भविष्य दिखता है
कुछ भी बोलो फिर तो झगड़ा पक्का है।
यह मोबाइल तो इनकी पूरी जिंदगी, और मेरी पक्की सौतन बन गई।
यह मोबाइल ना जाने कब इनकी बीवी बन गई।
काश मैं मोबाइल बन जाती अपने पति का पूरा प्यार तो पाती।
रहती इनके साथ में हरदम बस्ती इनके दिल में हरदम।
24 घंटे का साथ होता कभी ना मन उदास होता।
गिरती कभी तो और संभालते मिलती ना एक पल को तो बेचैन हो जाते।
पर मेरे लिए ये तो एक पल ना बचाते हैं सारा का सारा प्यार अब तो मोबाइल पर ही लुटाते हैं।
अब तो जैसे पति पत्नी का रिश्ता ही बेकार है।
बस अपनी इसी बात की तकरार है।