कुछ ऐसा सोचो

सोचना ही है तो कुछ ऐसा सोचो कि तुम्हारी कमजोरी नहीं बल्कि शक्ति बन जाए|
 करना है तो कुछ ऐसा करो कि तुम्हारी स्थिति नहीं बल्कि परिस्थिति बदल जाए।
रोना  ही है तो ऐसे रोओ कि कुछ पाने के लिए एक जिद् बन जाए।
चीखना है तो ऐसे चीखो कि समाज में क्रांति आ जाए।
बनना है तो कुछ ऐसा बनो कि लोगों के लिए एक मिसाल बन जाए।