सुनो ओ प्यारे बच्चों की अम्मा

सुनो ओ प्यारे बच्चों की अम्मा,
 इनको यूं ना करो निकम्मा।
पहले इनको पढ़ाओ लिखाओ,
फिर इनसे तुम बोझ ढोआओ ।

इन कोमल हाथों को पहले 
पेन पकड़ाकर मजबूत बनाओ।
थोड़ा सा तुम कष्ट और उठाओ 
पहले इनके भविष्य को मजबूत बनाओं।

इन कोमल कंधों पर पहले 
शिक्षा का बैग तो आने दो ।
फिर धीरे-धीरे से इनको अपने 
सारे जीवन का बोझ  हटाने दो।

शिक्षा  में वो ताकत है ।
जो इनकी तकदीर बदल देगी।
फिर ये खुद की क्या
 दुनिया की तस्वीर बदल देगे।

सुनो ओ प्यारे बच्चों की अम्मा
इनको यूं ना करो निकम्मा
पहले इनको पढ़ाओ लिखाओ
फिर इनसे तुम बोझ ढोआओ ।

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