रक्षाबंधन
ना सोना ना चांदी ना ही कोई हार चाहिए।
तुम हमेशा खुश रहो बस यही उपहार चाहिए।
हमारी खुशी से मां _बाप खुश हों।
ऐसा भाई _बहन का प्यार चाहिए।
अपने बीच ना कोई झगड़ा ना कोई तकरार चाहिए।
बस थोड़ी मस्ती और ढेर सारा प्यार चाहिए।
मुझको मायके का घर नहीं ।
सब के दिल में थोड़ा सा स्थान चाहिए।
ना सोना ना चांदी ना ही कोई हार चाहिए।
तुम हमेशा खुश रहो बस यही उपहार चाहिए।