क्यों उदास बैठी हो
क्यों उदास बैठी हो तुम,
उठो अपने अंदर की शक्ति को पहचानो।
हर समस्या से तुमको खुद ही लड़ना है।
अपने जीवन में तुमको खुद ही रंग भरना है।
यू निराश नहीं हो सकती हो तुम,
तुमको है वह सब करना जो मन में ठानी हो।
है राह कठिन बहुत मगर,
गिरना है उठना है तुमको खुद ही संभलना है।
पाना है तुम्हें वह सब कुछ,
जो तुम्हारे मन का सपना है ।
क्यों उदास बैठी हो तुम,
उठो अपने अंदर की शक्ति को पहचानो,
हर समस्या से तुमको खुद ही लड़ना है।
अपने जीवन में तुमको खुद ही रंग भरना है।

