कली

कली हूं मैं कली हूं,
 अभी कहां मैं खिली हूं।
अभी तो मुझको पढ़ना है,
पढ़ना है कुछ करना है।
कली ना बनकर रहना है,
अभी तो पूरा खिलना है।
मुझको तो पढ़ लिखकर,
पूरी दुनिया बदलना है।

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